Heart attack and Cardiac arrest difference in Hindi

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से दो सबसे सामान्य और खतरनाक स्थितियां हैं — heart attack and cardiac arrest कई लोग इन दोनों को एक ही समझते हैं, लेकिन असल में ये दोनों स्थितियां अलग हैं। आइए, हम हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच के अंतर को विस्तार से समझें।

heart attack and cardiac arrest में मुख्य अंतर

पैरामीटरहार्ट अटैककार्डियक अरेस्ट
परिभाषादिल की मांसपेशियों को रक्त प्रवाह रुकने से नुकसान।दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाना।
लक्षणसीने में दर्द, सांस की तकलीफ।बेहोशी, सांस रुकना।
कारणधमनियों में ब्लॉकेज।दिल की धड़कन का अनियमित होना।
इलाजदवाइयां, एंजियोप्लास्टी।सीपीआर, डिफिब्रिलेटर।
प्रभावधीरे-धीरे विकसित होता है।अचानक होता है।
मृत्यु दरसमय पर इलाज से बचाव संभव।तुरंत इलाज न हो तो जानलेवा।

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दोनों स्थितियों के बीच संबंध

heart attack and cardiac arrest अलग-अलग स्थितियां हैं, लेकिन इनमें कुछ संबंध भी हैं। heart attack के दौरान दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  1. heart attack लंबे समय तक हृदय पर दबाव डाल सकता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट की संभावना बढ़ जाती है।
  2. कार्डियक अरेस्ट के पीड़ितों में कई बार हार्ट अटैक के लक्षण देखे गए हैं।

हार्ट अटैक क्या है?

heart attack, जिसे चिकित्सा भाषा में मायोकार्डियल इंफार्क्शन (Myocardial Infarction) कहा जाता है, तब होता है जब दिल को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां (कोरोनरी आर्टरीज) बाधित हो जाती हैं। इससे दिल के कुछ हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वह क्षतिग्रस्त होने लगता है।

हार्ट अटैक के लक्षण

  1. सीने में दर्द:– छाती में दबाव, जलन या कसावट महसूस होना।
  2. बांहों और कंधों में दर्द:– दर्द अक्सर बाएं हाथ या कंधे में फैलता है।
  3. सांस लेने में कठिनाई:– सांस का तेज या धीमा होना।
  4. पसीना:– ठंडा पसीना आना।
  5. अन्य लक्षण:– चक्कर आना, मितली आना या उल्टी महसूस होना।

हार्ट अटैक के कारण

  1. धमनियों में रुकावट:– कोलेस्ट्रॉल और वसा का जमाव।
  2. हाई ब्लड प्रेशर:– लंबे समय तक उच्च रक्तचाप का रहना।
  3. धूम्रपान:– तंबाकू और सिगरेट का अधिक सेवन।
  4. डायबिटीज:– अनियंत्रित शुगर लेवल।
  5. तनाव:– मानसिक और शारीरिक तनाव।

हार्ट अटैक का इलाज

  1. दवाइयां:– खून पतला करने और रुकावट को कम करने वाली दवाइयां।
  2. एंजियोप्लास्टी:– ब्लॉक धमनियों को खोलने की प्रक्रिया।
  3. बायपास सर्जरी:– रक्त प्रवाह को नया रास्ता देने के लिए सर्जरी।

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कार्डियक अरेस्ट क्या है?

कार्डियक अरेस्ट एक अचानक और गंभीर स्थिति है जिसमें दिल धड़कना बंद कर देता है। इसका मतलब है कि रक्त प्रवाह पूरी तरह रुक जाता है, जिससे मस्तिष्क और अन्य अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण

  1. अचानक बेहोशी:- व्यक्ति तुरंत होश खो देता है।
  2. सांस रुकना:– सांस धीमी या पूरी तरह बंद हो जाती है।
  3. दिल की धड़कन बंद होना:– पल्स महसूस नहीं होती।

कार्डियक अरेस्ट के कारण

  1. अतालता (Arrhythmia):– दिल की धड़कन का अनियमित होना।
  2. हृदय की पुरानी बीमारियां:– पहले से हृदय रोग से ग्रसित होना।
  3. इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन:– पोटैशियम और मैग्नीशियम का असंतुलन।
  4. बिजली का झटका:– इलेक्ट्रिकल शॉक लगना।
  5. आनुवंशिक समस्याएं:– परिवार में दिल की बीमारियों का इतिहास।

कार्डियक अरेस्ट का इलाज

  1. सीपीआर (CPR):– छाती को दबाकर दिल की धड़कन को फिर से शुरू करना।
  2. डिफिब्रिलेटर:– इलेक्ट्रिक शॉक देकर दिल की धड़कन को सामान्य करना।
  3. आपातकालीन चिकित्सा:– तुरंत अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ से उपचार लेना।

इमरजेंसी में क्या करें?

heart attack and cardiac arrest के लक्षण दिखें, तो तुरंत मदद करें।

हार्ट अटैक के दौरान

  1. व्यक्ति को आरामदायक स्थिति में बैठाएं।
  2. तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।
  3. अगर डॉक्टर ने एस्पिरिन लेने को कहा है, तो इसे दें।

कार्डियक अरेस्ट के दौरान

  1. तुरंत सीपीआर शुरू करें।
  2. नजदीकी डिफिब्रिलेटर का उपयोग करें।
  3. जल्द से जल्द मेडिकल सहायता प्राप्त करें।

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