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डॉ. मनमोहन सिंह का निधन कैसे हुआ: जानें एम्स की रिपोर्ट और 50 की उम्र के बाद सेहतमंद रहने के उपाय

डॉ. मनमोहन सिंह का निधन कैसे हुआ: जानें एम्स की रिपोर्ट और 50 की उम्र के बाद सेहतमंद रहने के उपाय

डॉ. मनमोहन सिंह का निधन कैसे हुआ: जानें एम्स की रिपोर्ट और 50 की उम्र के बाद सेहतमंद रहने के उपाय

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनका निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति के महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने जीवन में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है

डॉ. मनमोहन सिंह: Brief introduction

डॉ. मनमोहन सिंह भारत के 13वें प्रधानमंत्री (2004-2014) थे और उन्हें देश के एक बेहतरीन अर्थशास्त्री एवं दूरदर्शी नेता के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब (अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत) के गांव गाह में हुआ।

शैक्षिक (Education) पृष्ठभूमि

उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में स्नातक और स्नातकोत्तर किया।आगे की पढ़ाई के लिए वे कैंब्रिज विश्वविद्यालय गए, जहां से उन्होंने अर्थशास्त्र में बीए ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की।ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नफील्ड कॉलेज से उन्होंने डॉक्टरेट (डी.फिल) की डिग्री हासिल की।

पेशेवर करियर

डॉ. सिंह ने अपने करियर की शुरुआत एक अकादमिक के रूप में की और बाद में विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र, और भारत सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

प्रधानमंत्री के रूप में योगदान

डॉ. मनमोहन सिंह ने 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की।

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AIIMS ने बताई निधन की वजह

एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. सिंह का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। उनकी सेहत पिछले कुछ वर्षों से खराब चल रही थी। उम्र बढ़ने के साथ कई बीमारियां शरीर को प्रभावित करती हैं, और इन्हीं कारणों से उनकी स्थिति बिगड़ गई। डॉक्टरों का कहना है कि 50 वर्ष की आयु के बाद हर व्यक्ति को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए।

50 के बाद सेहतमंद रहने के लिए 4 जरूरी बातें:

  1. नियमित स्वास्थ्य जांच:– 50 के बाद शरीर में कई बदलाव आते हैं। इस उम्र में मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं सामान्य हो जाती हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच से इन बीमारियों का समय पर पता लगाया जा सकता है।
  2. संतुलित आहार:– पौष्टिक और संतुलित आहार लें। हरी सब्जियां, फल, और प्रोटीन से भरपूर भोजन करें। जंक फूड और अधिक तला-भुना खाने से बचें।
  3. नियमित व्यायाम:– रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। योग, पैदल चलना और हल्के फिजिकल एक्टिविटीज सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
  4. तनाव प्रबंधन:– तनाव का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। ध्यान, मेडिटेशन और परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन और योगदान

डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है। उनका बचपन साधारण परिस्थितियों में बीता। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

उन्होंने 1991 में भारत के आर्थिक सुधारों की नींव रखी। उस समय वे देश के वित्त मंत्री थे। डॉ. सिंह ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को अपनाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को नया जीवन दिया। इन सुधारों के कारण भारत वैश्विक आर्थिक मंच पर एक मजबूत देश के रूप में उभरा।

उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान, उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसी योजनाएं उनके नेतृत्व में लागू की गईं।

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निष्कर्ष Summary

डॉ. मनमोहन सिंह का निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी जीवनशैली और काम करने का तरीका आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, खासकर 50 वर्ष की आयु के बाद। नियमित जांच, सही खानपान, व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली से स्वस्थ और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है।

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