स्क्लेरोसिस एक दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है। 

Sclerosis का मतलब है तंतुओं का कठोर हो जाना, जिससे तंत्रिका तंत्र की कार्यक्षमता घट जाती है। 

मल्टीपल स्क्लेरोसिस सबसे सामान्य प्रकार है, जो माइलिन शीथ को नुकसान पहुंचाता है। 

स्क्लेरोसिस के कारणों में जेनेटिक कारक, प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी और पर्यावरण शामिल हैं। 

इसके लक्षणों में कमजोरी, दृष्टि समस्याएं, थकान, संतुलन में कठिनाई और सुन्नता शामिल हो सकती है। 

MRI, स्पाइनल टैप और न्यूरोलॉजिकल परीक्षण से स्क्लेरोसिस का सटीक निदान किया जाता है। 

इम्यूनोसप्रेसेंट्स और स्टेरॉयड जैसी दवाइयां स्क्लेरोसिस के लक्षणों को नियंत्रित कर सकती हैं। 

फिजियोथेरेपी और संतुलित आहार से मांसपेशियों की ताकत बढ़ाई जा सकती है और लक्षण कम किए जा सकते हैं। 

स्क्लेरोसिस के साथ जीवन जीने के लिए स्वस्थ जीवनशैली और डॉक्टर की नियमित सलाह जरूरी है।