मकर संक्रांति पर्व पर भारत में खिचड़ी को प्रसाद के रूप में खास तौर पर खाया जाता है। 

खिचड़ी के साथ दही, घी, पापड़ और अचार का संगम इसे और भी स्वादिष्ट बनाता है।

उत्तर प्रदेश में आंवला खिचड़ी लोकप्रिय है, तो ओडिशा में इसे खेचड़ा कहा जाता है। 

जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद में भी खिचड़ी का विशेष महत्व और परंपरा है। 

मुगल बादशाह जहांगीर और औरंगजेब को भी खिचड़ी बेहद पसंद थी। 

19वीं शताब्दी में अंग्रेज भारत से खिचड़ी लेकर गए, जहां इसे केडगेरे कहा गया। 

अवध के नवाब खिचड़ी में बादाम और पिस्ता डालकर इसे खास बनाते थे। 

भारत में खिचड़ी शैशव से वृद्धावस्था तक सुपाच्य और पौष्टिक आहार मानी जाती है।

भारत में खिचड़ी शैशव से वृद्धावस्था तक सुपाच्य और पौष्टिक आहार मानी जाती है।